Directory– डायरेक्ट्री फाइलों का एक कलेक्शन है, जिसमें विशेष प्रकार की कई काइलें एक साथ रखी जाती हैं। उदाहरण के लिये जिस प्रकार ऑफिस में विभिन्न प्रकार के पत्र, लेख, दस्तावेज, ऑर्डर, फार्म इत्यादि अलग-अलग प्रकार की फाइलों में सुरक्षित रखे जाते हैं। और फिर इन फाइलों को आसानी से प्राप्त करने के लिये किसी ड्रावर या कैबिनेट में रखते हैं। उसी प्रकार डॉस में इन फाइलों को सुरक्षित रखते हैं, जिसे डायरेक्ट्री कहते हैं.

Files– जब हम किसी एप्लिकेशन प्रोग्राम की सहायता से किसी Document को तेयार करते हैं तो उसे सुरक्षित करने के लिये एक विशेष Extension देना होता है। जैसे MSWord में तैयार की गई फाइलों का Extension.doc होता है। फोटोशॉप में तैयार फोटो का Extension.psd होता है। इन अलग-अलग प्रकार के document को फाइलें कहते हैं.

Rules For Creating a Filename

  1. फाइलों के नाम को बनाने के निम्न भाग होते हैं.
(A) फाइल का आइडेन्टिकल (पहचान वाला) नाम.
(B) फाइल का विस्तारित नाम (Extension) डॉट-ऑपरेटर के द्वारा इन दोनों नामों को जोड़ा जाता है।.

2. एक्सटेंशन छोड़कर फाइल के नाम में 1-8 तक अक्षर हो सकते हैं.

3.एक्सटेंशन नाम में 0-3 अक्षर हो सकते हैं.

4. डॉट-ऑपरेटर के बाद में और पहले खाली जगह नहीं छोड़ी जाती है.

5. फाइलों के नाम में symbols (विशेष चिन्ह) जैसे-&, $, [, ], <, >, इत्यादि का प्रयोग नहीं कर सकते हैं.

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मेरा नाम राम है और मैं इस वेबसाइट को मैनेज करता हूं. मेरी बचपन से ही Computer में बहुत ही अधिक रुचि थी, और मैं पिछले 5 साल से कंप्यूटर के बारे में सीख रहा हूं सीखते सीखते मैंने यह सोचा क्यों ना मुझे यह सब जानकारी मेरे उन दोस्तों के साथ शेयर करनी चाहिए जो कि कंप्यूटर के बारे में सीखना चाहते हैं और अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं यही कारण है कि हमने यह ब्लॉग आप लोगों के लिए बनाया है.

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